रीवा: श्रीरामानुज संस्कृत परिसर बनेगा वैदिक अध्ययन का प्रमुख केंद्र, 243 नए पदों के सृजन को मिली हरी झंडी


रीवा। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले 'श्रीरामानुज संस्कृत परिसर' (लक्ष्मण बाग, रीवा) के कायाकल्प की रूपरेखा तय की है। इस परिसर को अब भारतीय ज्ञान परंपरा, वैदिक दर्शन और शोध के राष्ट्रीय स्तर के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

'संस्कृत गौरव' के लिए 243 पदों का महा-सृजन
परिसर के शैक्षणिक और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण के लिए कुल 243 पदों के सृजन का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इन पदों की पूर्ति आगामी तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके से की जाएगी:
  • शैक्षणिक पद: 117
  • प्रशासनिक पद: 4
  • गैर-शैक्षणिक पद: 122
उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि इन पदों का सृजन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के मानकों के अनुरूप हो, ताकि परिसर में एक उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण तैयार किया जा सके।

वैदिक अध्ययन के विविध आयाम
श्रीरामानुज संस्कृत परिसर में भविष्य में विभिन्न विभागों के माध्यम से व्यापक शोध और अध्ययन पर जोर दिया जाएगा, जिनमें प्रमुख हैं:
  • वेद, वेदान्त दर्शन, व्याकरण, साहित्य और ज्योतिष।
  • योग, धर्मशास्त्र, वास्तुशास्त्र और पुराणेतिहास।
  • संगीत, मानविकी, पौरोहित्य, हिन्दू अध्ययन और शिक्षाशास्त्र।
क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?
5 अक्टूबर 2023 को स्थापित यह परिसर वर्तमान में सीमित संसाधनों में संचालित हो रहा था। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल के अनुसार:

  1. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा: नए मानव संसाधन से विद्यार्थियों को बेहतर शोध मार्गदर्शन और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
  2. भारतीय ज्ञान का संरक्षण: यह पहल संस्कृत भाषा और पारंपरिक विद्या प्रणालियों को नई गति प्रदान करेगी।
  3. युवाओं को अवसर: यह केंद्र न केवल विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का विकास करेगा, बल्कि उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्षम नागरिक के रूप में तैयार करेगा।
बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अनुपम राजन भी उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परिसर के संधारण और शैक्षणिक गतिविधियों के विस्तार के लिए आवश्यक कार्यवाही में तेजी लाई जाए, ताकि रीवा का यह केंद्र देश भर में भारतीय दर्शन के अध्ययन के लिए एक 'आदर्श मॉडल' बन सके।
Previous Post Next Post

نموذج الاتصال