भोपाल: खिवनी से लाए गए घायल बाघ 'युवराज' का वन विहार में चल रहा इलाज, डॉक्टरों की टीम कर रही निगरानी


भोपाल। खिवनी अभयारण्य (देवास) में आपसी संघर्ष के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए नर बाघ 'युवराज' का भोपाल के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान स्थित रेस्क्यू सेंटर में उपचार किया जा रहा है। 27 जून 2026 को रेस्क्यू किए गए इस बाघ की स्थिति पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम निरंतर नजर बनाए हुए है।

स्वास्थ्य स्थिति और चिकित्सकीय परीक्षण
शुक्रवार को राज्य पशु चिकित्सालय, जहांगीराबाद के वरिष्ठ वेटरिनरी सर्जन डॉ. एस.के. तुमड़िया, वन विहार के वरिष्ठ वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अतुल गुप्ता और डॉ. विनीत की टीम ने बाघ का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच में निम्नलिखित गंभीर चोटें पाई गईं:
  • फ्रैक्चर की पुष्टि: एक्स-रे रिपोर्ट में बाघ के आगे के दोनों पंजों में फ्रैक्चर होने की पुष्टि हुई है।
  • गहरे घाव: बाघ के आगे के दोनों पैरों और पिछले बाएं पैर में गहरे घाव हैं। पिछले पैर के घाव को देखते हुए वहां 6 टांके लगाए गए हैं।
निरंतर निगरानी में 'युवराज'
वन विहार प्रबंधन ने बताया कि बाघ की गतिविधियों और स्वास्थ्य में हो रहे परिवर्तनों पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। डॉ. अतुल गुप्ता के नेतृत्व में चिकित्सा दल उसकी रिकवरी के लिए आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल और दवाएं उपलब्ध करा रहा है।

निरीक्षण के दौरान वन विहार के संचालक श्री विजय कुमार, सहायक संचालक डॉ. रूही हक और सफारी प्रभारी श्रीमती सीता काकोड़िया उपस्थित रहे। प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि विशेषज्ञ देखभाल के चलते बाघ 'युवराज' जल्द ही स्वस्थ हो जाएगा।
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