भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस को देश की सर्वश्रेष्ठ पुलिस बनाना है। उन्होंने हाल ही में राज्य सरकार के विशेष अभियान के तहत पुलिस बल में हुई लगभग 25 हजार पदोन्नतियों के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को बधाई दी और कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह श्री संजय कुमार शुक्ल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री नीरज मंडलोई और पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के प्रमुख बिंदु और निर्देश:
- नए कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन: केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए कानूनों को प्रदेश में पूरी प्रभावशीलता के साथ लागू किया जाए।
- त्योहारों और स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां: राजधानी से लेकर सभी जिलों में पुलिस बल को आगामी त्योहारों और स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि नागरिकों को बेहतर कानून-व्यवस्था का लाभ मिले।
- नशा मुक्ति अभियान और सीमावर्ती चौकसी: "नशे से दूरी है जरूरी" अभियान को जन-जन तक पहुँचाने और उच्च शिक्षा विभाग के समन्वय से शिक्षण संस्थानों में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। साथ ही, अन्य राज्यों की सीमाओं से लगे क्षेत्रों में नशीले पदार्थों के अवैध परिवहन पर सख्त नियंत्रण के निर्देश दिए गए।
- नक्सलमुक्त क्षेत्रों में विकास: मध्यप्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के सामान्य होने के बाद, अब वहाँ विकास कार्यों की गति तेज करने और पुलिस बल को सकारात्मक कार्यों से जोड़ने की बात कही गई।
- औद्योगिक सुरक्षा: प्रदेश में तेजी से हो रहे औद्योगिक विस्तार को देखते हुए विभिन्न संस्थानों और उद्योगों को 'एसआईएसएफ' से लाइसेंसधारी सुरक्षा स्टाफ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
- विशेष जनजातियों की भर्ती पर जोर: प्रदेश की तीन विशेष पिछड़ी जनजातियों (बैगा, सहरिया, भारिया) के रहवास वाले छह जिलों में योग्य युवाओं को पुलिस और अन्य सेवाओं में प्राथमिकता के आधार पर भर्ती करने पर विचार करने को कहा गया।
- पुलिस बैंड का विस्तार: आगामी गणतंत्र दिवस तक प्रत्येक जिले में अपना स्वतंत्र पुलिस बैंड ग्रुप तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके लिए अधिकांश जिलों में पदों की पूर्ति की जा चुकी है।
इसके अलावा बैठक में पुलिस हाउसिंग बोर्ड के कार्यों, वाहनों की आवश्यकता, पुलिस रिक्रूटमेंट बोर्ड और अपराध स्थल (Scene of Crime) के निरीक्षण के लिए एफएसएल (FSL) जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
