इंदौर। संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े की अध्यक्षता में संभागायुक्त कार्यालय में शिक्षा और जनजाति विकास से जुड़े प्रमुख विभागों की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्कूल शिक्षा, जनजाति कार्य, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और श्रम विभाग के अंतर्गत संचालित आवासीय शिक्षा, विद्यार्थियों के पंजीकरण, साइकिल वितरण और नवीन शैक्षणिक सत्र की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
इस बैठक में संयुक्त आयुक्त (विकास) श्रीमती शिवानी वर्मा, जनजाति कार्य विभाग के उपायुक्त श्री गणेश भाभर, कौशल विकास विभाग के संयुक्त संचालक श्री निखिल सिंघल और उच्च शिक्षा विभाग की अपर संचालक डॉ. किरणबाला सलूजा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
'धरती आबा योजना' के तहत 292 करोड़ के कार्य:
जनजाति कार्य विभाग ने जानकारी दी कि 'धरती आबा योजना' के अंतर्गत संभाग के 8 जिलों में जनजाति क्षेत्रों के विकास के लिए 292 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत किए गए हैं:
- प्रगति: इनमें से 32 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि शेष कार्य प्रगतिरत हैं, जिनके लिए कार्य आदेश जारी करने और निविदाएँ आमंत्रित करने की प्रक्रिया जारी है।
- धार जिला अग्रणी: संभाग में सबसे अधिक 70 कार्य धार जिले में स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से 14 कार्य सफलताಪೂರ್ವक पूर्ण कर लिए गए हैं।
उच्च शिक्षा में 12 नए रोजगारपरक पाठ्यक्रम:
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संभाग में 12 नए रोजगार-उन्मुख (Job-oriented) पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं। संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने निर्देश दिए कि इन पाठ्यक्रमों की निरंतर निगरानी की जाए, बेहतर गेस्ट फैकल्टी को आमंत्रित किया जाए और विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान के लिए 'विजिट एक्सपोजर' पर ले जाने की रूपरेखा तैयार की जाए।
प्रमुख पाठ्यक्रम:
- बी.कॉम इन रिटेल ऑपरेशन व लॉजिस्टिक
- एचआर ऑपरेशन
- इवेंट मैनेजमेंट
- डिजिटल मार्केटिंग एंड एडवरटाइजिंग
- रियल स्टेट एंड प्रॉपर्टी मैनेजमेंट
- बी.एससी टूरिज्म एंड हॉस्पिटेलिटी
कौशल विकास और छात्रावास निर्माण:
कौशल विकास विभाग के तहत संभाग के 9 आईटीआई (ITI) में 6 ट्रेड भवन और विद्यार्थियों के लिए आवासीय सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है:
- छात्रावास निर्माण: 60-60 सीटर बालक व बालिका छात्रावासों का कार्य प्रारंभ हो चुका है। इसके अलावा, खरगोन के बड़वाह में 30-30 सीटर बालक व बालिका छात्रावास का निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया है।
- कुल मिलाकर 1020 बालक-बालिकाओं की क्षमता के नए छात्रावासों का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।
- संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि नवीन सत्र शुरू होने पर संबंधित क्षेत्रों के स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों और प्राचार्यों से संवाद स्थापित किया जाए।
बैठक के अंत में संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि भविष्य में स्कूलों और महाविद्यालयों की मॉनिटरिंग से जुड़ी रिपोर्ट पृथक से प्रस्तुत की जाए, ताकि शैक्षणिक गुणवत्ता और विकास कार्यों में और अधिक पारदर्शिता लाई जा सके।
