बड़वानी। समय पर मिली चिकित्सीय सहायता और जिला चिकित्सालय की पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (PICU) के विशेषज्ञों की तत्परता ने 8 वर्षीय बालक विनय को एक नया जीवन दिया है। पलसूद क्षेत्र के ग्राम जालखेड़ा निवासी विनय को जहरीले सांप ने काट लिया था, जिसके बाद उसकी स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई थी।
घटनाक्रम और उपचार की प्रक्रिया:
- सर्पदंश: 10 जुलाई की शाम को घर के आंगन में खेलते समय बालक को सांप ने काट लिया, जिसके तुरंत बाद उसे लगातार उल्टियां होने लगीं।
- गंभीर स्थिति: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पलसूद से प्राथमिक उपचार के बाद उसे बड़वानी जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। रास्ते में ही बालक बेहोश हो गया, बोलना बंद कर दिया और उसे सांस लेने में गंभीर तकलीफ होने लगी।
- PICU में भर्ती: बड़वानी पहुँचते ही शिशु रोग विशेषज्ञों डॉ. पुष्पेन्द्र सतपुड़ा और डॉ. अमीचंद चौहान की टीम ने बालक को 'न्यूरोपैरालिटिक सर्पदंश' और 'श्वसन विफलता' (Respiratory Failure) की स्थिति में पाया।
- वेंटिलेटर सपोर्ट: बालक की जान बचाने के लिए उसे तत्काल वेंटिलेटर पर रखा गया और एंटी-स्नेक वेनम (ASV) सहित जीवनरक्षक उपचार शुरू किया गया।
सफल रिकवरी:
लगभग दो दिनों तक वेंटिलेटर पर रहने के बाद बालक की श्वसन क्रिया सामान्य हुई। सर्जन डॉ. अनिल चौहान द्वारा सर्पदंश के कारण पैर में आई गंभीर सूजन का उपचार किया गया। सिविल सर्जन डॉ. मनोज खन्ना के मार्गदर्शन में सात दिनों के सघन उपचार और निगरानी के बाद, विनय पूरी तरह स्वस्थ हो गया और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
चिकित्सकों की सलाह: यह घटना हमें याद दिलाती है कि सर्पदंश के मामलों में घबराने के बजाय तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुँचकर विशेषज्ञ चिकित्सा सहायता लेना कितना महत्वपूर्ण है। समय पर अस्पताल पहुँचना ही विनय की जान बचाने में निर्णायक साबित हुआ।
