उज्जैन। सिंहस्थ 2028 को सुरक्षित, व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सिंहस्थ मेला अधिकारी एवं संभागायुक्त श्री आशीष सिंह और कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह के मार्गदर्शन में, उज्जैन में निर्माण कार्यों में संलग्न अधिकारियों और अभियंताओं के लिए "कंस्ट्रक्शन सेफ्टी कैपेसिटी बिल्डिंग ट्रेनिंग प्रोग्राम" का आयोजन किया गया।
प्रशिक्षण के मुख्य उद्देश्य:
इस कार्यक्रम का संचालन लोक निर्माण विभाग (सेतु संभाग) द्वारा किया गया, जिसका उद्देश्य आधुनिक निर्माण सुरक्षा मानकों को धरातल पर उतारना था:
- जोखिम प्रबंधन: निर्माण स्थलों पर संभावित खतरों की पहचान और उनके निवारण के उपाय।
- आपातकालीन प्रतिक्रिया: कार्यस्थल पर किसी भी दुर्घटना की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को सक्रिय करना।
- मानकों का अनुपालन: श्रमिकों और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षित निर्माण प्रक्रियाओं को अपनाना।
आईआईटी मुंबई के विशेषज्ञों का मार्गदर्शन:
प्रशिक्षण की सबसे बड़ी विशेषता आईआईटी मुंबई के विषय विशेषज्ञों द्वारा दी गई व्यावहारिक जानकारी रही। विशेषज्ञों ने न केवल सैद्धांतिक सत्र लिए, बल्कि:
- लाइव डेमो: सुरक्षा उपकरणों के सही उपयोग और जोखिम निवारण के तरीके प्रत्यक्ष रूप से दिखाए।
- साइट विजिट: विशेषज्ञों ने निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर मौके पर ही सुरक्षा मानकों के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन दिया।
- समूह गतिविधियाँ: व्यावहारिक अभ्यासों के जरिए इंजीनियरों को फील्ड पर सुरक्षा प्रबंधन को लागू करने का प्रशिक्षण दिया गया।
कलेक्टर के कड़े निर्देश:
जिला कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि सिंहस्थ 2028 के निर्माण कार्यों में 'गुणवत्ता' और 'सुरक्षा' दो मुख्य स्तंभ होंगे। उन्होंने सभी विभागों (PWD, MPRDC, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, पुलिस हाउसिंग आदि) को निर्देश दिए कि:
- प्रशिक्षण से मिली सीख को निर्माण स्थलों पर पूरी तरह लागू किया जाए।
- कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर उत्कृष्ट गुणवत्ता के साथ पूर्ण हों।
- श्रमिकों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सिंहस्थ की तैयारियों को एक सुरक्षित और तकनीकी रूप से सुदृढ़ आधार प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
