झाबुआ। स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता फैलाने और कार्यस्थल पर एक स्वच्छ संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से शनिवार को झाबुआ कलेक्टर कार्यालय परिसर में एक विशेष स्वच्छता अभियान और श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट के नेतृत्व में हुए इस आयोजन में प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
श्रमदान और स्वच्छता की शपथ
अभियान के तहत, कार्यालय के समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से परिसर की सफाई की। इस दौरान कार्यालय के विभिन्न कोनों, गलियारों और परिसर की साफ-सफाई की गई। श्रमदान के बाद सभी उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को 'स्वच्छता की शपथ' दिलाई गई, जिसमें उन्होंने अपने कार्यस्थल और आसपास के वातावरण को हमेशा स्वच्छ और व्यवस्थित रखने का संकल्प लिया।
'स्वच्छता: एक नैतिक जिम्मेदारी'
कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने इस अवसर पर कहा कि स्वच्छता केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि हर नागरिक की नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देते हुए कहा:
- कार्यक्षमता में वृद्धि: एक स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण न केवल काम करने की क्षमता को बढ़ाता है, बल्कि यह सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली को भी बढ़ावा देता है।
- नियमितता का आह्वान: कलेक्टर ने सभी कर्मचारियों से अपील की कि वे नियमित रूप से स्वच्छता गतिविधियों में शामिल हों और सप्ताह में कुछ समय अनिवार्य रूप से श्रमदान के लिए समर्पित करें।
जनभागीदारी का संदेश
कलेक्टर ने रेखांकित किया कि किसी भी लक्ष्य को स्थायी रूप से प्राप्त करने के लिए 'जनभागीदारी' सबसे सशक्त माध्यम है। स्वच्छ, सुंदर और विकसित समाज का निर्माण केवल सामुदायिक सहभागिता से ही संभव है।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री जितेन्द्र सिंह चौहान, अपर कलेक्टर श्री सी.एस. सोलंकी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
