नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित 'बोर्ड ऑफ ट्रेड' की महत्वपूर्ण बैठक में मध्यप्रदेश ने अपनी औद्योगिक क्षमता और निर्यात संभावनाओं का सशक्त प्रदर्शन किया। मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप ने प्रदेश को देश के निर्यात लक्ष्य का मुख्य आधार बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
निर्यात को नई गति देने का रोडमैप
मंत्री श्री काश्यप ने कहा कि भारत के 2 ट्रिलियन डॉलर निर्यात लक्ष्य (वर्ष 2030-31) में मध्यप्रदेश अग्रणी भूमिका निभाएगा। उन्होंने प्रदेश की निर्यात नीतियों और 'एक जिला-एक उत्पाद' (ODOP) जैसी पहलों के माध्यम से विकसित हुए मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र का उल्लेख किया।
बैठक में की गई प्रमुख मांगें और सुझाव:
- लॉजिस्टिक्स हब की स्थापना: प्रदेश के बढ़ते निर्यात दबाव को देखते हुए जबलपुर और रीवा क्षेत्र में नए आई सी डी (ICD) और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क स्थापित करने का विशेष अनुरोध किया गया।
- टेक्सटाइल और सेमीकंडक्टर विकास: इंदौर में टेक्सटाइल टेस्टिंग फैसिलिटी और एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल का क्षेत्रीय कार्यालय खोलने, तथा सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए अत्याधुनिक टेस्टिंग लैब की आवश्यकता पर बल दिया गया।
- गुणवत्ता प्रयोगशालाएं: हाल ही में प्राप्त 20 जीआई (GI) टैग वाले कृषि उत्पादों को वैश्विक स्तर पर भेजने के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों वाली परीक्षण प्रयोगशालाओं की मांग की गई।
- लैंड-लॉक्ड राज्यों के लिए LIFT योजना: मंत्री ने सुझाव दिया कि मध्यप्रदेश जैसे राज्यों को निर्यात प्रोत्साहन के लिए 'LIFT' योजना में शामिल किया जाए।
औद्योगिक निवेश का गढ़ बना मध्यप्रदेश
मंत्री श्री काश्यप ने बताया कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिए लगभग 12,000 एकड़ भूमि उपलब्ध है। इसके अलावा, पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क में 26,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश समझौते हुए हैं। साथ ही, टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग और सेमीकंडक्टर पार्क जैसे प्रोजेक्ट्स से इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को नई ऊंचाई मिलेगी।
पर्यटन से विदेशी मुद्रा
बैठक में मंत्री ने 'चीता प्रोजेक्ट' और इको-टूरिज्म का जिक्र करते हुए कहा कि पर्यटन विदेशी मुद्रा अर्जित करने का एक बड़ा माध्यम है, जिसके लिए एक विशेष रणनीति की आवश्यकता है।
मंत्री ने केंद्र सरकार के ई-मार्केट प्लेस (GeM) और निर्यात प्रोत्साहन मिशन की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश न केवल राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करेगा, बल्कि भारत को वैश्विक विनिर्माण शक्ति बनाने में भी अग्रणी रहेगा।
