इंदौर। कलेक्टर कार्यालय स्थित ई-दक्ष केंद्र में 'कर्मयोगी कर्त्तव्य कार्यक्रम' एवं 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स कार्यशाला' का आयोजन किया गया। कार्यशाला के पहले दिन आयुष विभाग के चिकित्सा अधिकारियों, सीएएमओ (CAMO) और पैरामेडिकल कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और प्रशासनिक कार्यों में आधुनिक एआई टूल्स के प्रभावी उपयोग की बारीकियों को समझा।
कार्यशाला के प्रमुख बिंदु और प्रशिक्षण:
- कार्य संस्कृति और कौशल विकास: प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को कार्यालयीन कार्य संस्कृति, स्वयं की क्षमताओं की पहचान, टीमवर्क, प्रभावी संवाद और कार्यस्थल पर बेहतर प्रदर्शन करने के तौर-तरीके सिखाए गए। समूह चर्चा और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए।
- नरोन्हा अकादमी का मॉड्यूल: यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासनिक एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल द्वारा तैयार किए गए विशेष मॉड्यूल के तहत चरणबद्ध रूप से आयोजित किया जा रहा है।
- एआई टूल्स का प्रशिक्षण: वरिष्ठ प्रशिक्षक श्री अतुल कुमार पाण्डेय और प्रशिक्षक सुश्री जागृति चौहान ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित विभिन्न टूल्स की उपयोगिता और उन्हें कार्यालयीन कार्यों में शामिल करने के तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी।
सहभागिता:
जिला आयुष अधिकारी डॉ. हंसा बारिया ने बताया कि कार्यशाला के पहले सत्र में डॉ. जितेन्द्र भालसे, डॉ. कमलेश पाटील, डॉ. राकेश गुप्ता, डॉ. पुष्पा गोथवाल, डॉ. नेहा भाना, डॉ. रागिनी शिवहरे, डॉ. अनीता खलखो और श्रीमती रीना प्रजापत सहित कुल 23 चिकित्सा अधिकारी, सीएएमओ एवं पैरामेडिकल कर्मचारी उपस्थित रहे। इस पहल से स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक कार्यों को तकनीकी रूप से और अधिक दक्ष बनाने में मदद मिलेगी।
