बैतूल। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक लेकर विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं, कार्यक्रमों और चिकित्सकीय सेवाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही सहन नहीं की जाएगी।
रक्त की उपलब्धता और अवैध वसूली पर कड़ी चेतावनी:
कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने जिला अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में रक्त की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए सख्त निर्देश दिए कि गरीब मरीजों को ब्लड उपलब्ध कराने के नाम पर किसी भी प्रकार की अवैध वसूली कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी बीएमओ और चिकित्सकों को निर्देशित किया कि जरूरतमंद मरीजों को शासन की व्यवस्था के अनुसार समय पर रक्त उपलब्ध कराया जाए।
- यदि किसी स्टाफ नर्स, वार्ड बॉय, डॉक्टर या अन्य कर्मचारी द्वारा ब्लड दिलाने के नाम पर मरीज या परिजनों से पैसे लेने की शिकायत मिली, तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
- साथ ही, नशा मुक्ति अभियान के तहत लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित करने, रक्तदाताओं को सम्मानित करने और विजय दिवस के अवसर पर विशेष रक्तदान शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा:
- एएनसी पंजीयन: प्रभात पट्टन क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं के एएनसी पंजीयन की प्रगति संतोषजनक न मिलने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और सभी बीएमओ को समय पर शत-प्रतिशत पंजीयन व स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- एनीमिया नियंत्रण: आमला, आठनेर और मुलताई में मॉडरेट व सीवियर एनीमिक गर्भवती महिलाओं के आईडेंटिफिकेशन में कम प्रगति मिलने पर नाराजगी जताई गई। ऐसी महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच, आयरन सप्लीमेंट और पोषण संबंधी परामर्श देने के निर्देश दिए गए।
- टीकाकरण: मुलताई, प्रभात पट्टन, घोड़ाडोंगरी, आमला, आठनेर, बैतूल ग्रामीण, भैंसदेही और शाहपुर में नियमित टीकाकरण तथा शाहपुर, भीमपुर व प्रभात पट्टन में एचपीवी टीकाकरण की कम उपलब्धि पर असंतोष व्यक्त करते हुए बीएमओ को अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
- बाल मृत्यु एवं प्रसव प्रशिक्षण: बाल मृत्यु के प्रकरणों की गहन समीक्षा करते हुए पुनरावृत्ति रोकने के प्रभावी कदम उठाने और विकासखंड के डॉक्टरों को जिला अस्पताल में प्रसव प्रशिक्षण देने के सख्त निर्देश दिए गए।
अन्य स्वास्थ्य मिशन और निर्देश:
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य यकृत मिशन और टीबी स्क्रीनिंग: प्रभात पट्टन और बैतूल में यकृत मिशन की स्क्रीनिंग में लापरवाही पर नाराजगी जताई गई। टीबी स्क्रीनिंग के कार्य में सीएमएचओ को तीन दिनों के भीतर शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग कर फूड बास्केट वितरित करने की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
- सिकलसेल स्क्रीनिंग: गर्भवती महिलाओं की सिकलसेल स्क्रीनिंग में भी प्रगति लाने को कहा गया।
- भवन हैंडओवर: पूर्ण हो चुके प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप स्वास्थ्य केंद्रों को शीघ्र हैंडओवर कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कुमार हुरमाडे, सिविल सर्जन डॉ. जगदीश घोरे, जिला ब्लड बैंक अधिकारी डॉ. अंकिता सीते सहित विभिन्न बीएमओ, बीपीएम और बीईई उपस्थित थे।
