भोपाल। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने हथाईखेड़ा सिविल अस्पताल का दौरा किया और रोगी कल्याण समिति की बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक और निरीक्षण के मुख्य बिंदु:
- नियमित स्वास्थ्य शिविर: राज्यमंत्री ने बस्तियों में नियमित स्वास्थ्य जांच और जन-जागरूकता शिविर लगाने पर जोर दिया, ताकि आम जनता सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का अधिक लाभ उठा सके।
- मासिक समीक्षा: उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए कि हर माह समीक्षा बैठक की जाए ताकि व्यवस्थाओं में आने वाली कमियों को तुरंत दूर किया जा सके।
- मरीजों से सीधा संवाद: निरीक्षण के दौरान श्रीमती गौर ने वार्डों में जाकर भर्ती मरीजों से उपचार, दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई और अस्पताल स्टाफ के व्यवहार के बारे में फीडबैक लिया।
- प्राथमिकता: उन्होंने स्पष्ट किया कि 'रोगी हित' सर्वोच्च प्राथमिकता है और अस्पताल की कार्यप्रणाली पूर्णतः जनहितैषी होनी चाहिए।
अधिकारियों को विशेष निर्देश:
- सामुदायिक सहभागिता: स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे क्षेत्रीय स्तर पर जन-संपर्क बढ़ाएं और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करें।
- व्यवस्थाओं में सुधार: अस्पताल परिसर की स्वच्छता, दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता और चिकित्सा उपकरणों की कार्यक्षमता को निरंतर बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
- शून्य लापरवाही: मरीजों के उपचार में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी गई।
राज्यमंत्री श्रीमती गौर का यह दौरा स्वास्थ्य सुविधाओं को धरातल पर मजबूत करने और आम आदमी तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
