सोनकच्छ/देवास। मध्यप्रदेश की जेलों में सुरक्षा मानकों को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से महानिदेशक (जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं) डॉ. वरुण कपूर ने 13 जुलाई 2026 को देवास जिले की सब जेल सोनकच्छ का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल की आंतरिक व्यवस्थाओं और सुरक्षा के हर पहलू की बारीकी से जांच की।
निरीक्षण के प्रमुख बिंदु:
- व्यवस्थाओं का गहन जायजा: महानिदेशक ने जेल की पाकशाला (किचन), गोदाम और बंदियों की बैरकों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वच्छता, सुरक्षा और बंदियों के रखरखाव के स्तर को बेहतर बनाने के लिए जेल अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।
- बुनियादी ढांचे का उन्नयन: डॉ. कपूर ने जेल प्रशासन को आवश्यक मरम्मत और आधारभूत सुविधाओं के उन्नयन के लिए तत्काल प्रस्ताव जेल मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए, ताकि सुधार कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा सके।
- कर्मचारी कल्याण: महानिदेशक ने केवल बंदियों की समस्याओं का ही नहीं, बल्कि जेल कर्मचारियों की जरूरतों का भी संज्ञान लिया। उन्होंने कर्मचारियों के लिए नए आवासों के निर्माण और इसके लिए आवश्यक बजट शीघ्र उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश
निरीक्षण के दौरान डॉ. वरुण कपूर ने पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत जेल परिसर में पौधारोपण किया। उन्होंने जेल के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
इस दौरान जिला जेल देवास के अधीक्षक श्री विद्याभूषण प्रसाद, सब जेल सोनकच्छ के सहायक जेल अधीक्षक श्री बुद्धिविलास आरख सहित जेल का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। महानिदेशक का यह दौरा जेल प्रशासन में सुरक्षा और प्रशासनिक कार्यकुशलता को बढ़ाने की एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
