इंदौर। कलेक्टर श्री शिवम वर्मा के निर्देशन में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के खाद्यान्न के अवैध संग्रहण, भंडारण और खरीद-फरोख्त के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। जिला आपूर्ति नियंत्रक श्री एम.एल. मारू ने जानकारी दी कि अवैध रूप से पीडीएस का खाद्यान्न रखने और बेचने के मामले में तीन आरोपियों के विरुद्ध थाना गांधीनगर में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
वाहन जांच में पकड़ाया अवैध खाद्यान्न:
कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी के दल ने गांधीनगर थाना परिसर में खड़े एक लोडिंग वाहन (क्रमांक MP 09 DD 9156) की जांच की। जांच के दौरान वाहन में सफेद प्लास्टिक के गैर-शासकीय बारदानों में अवैध रूप से खाद्यान्न संग्रहित पाया गया:
- गेहूं: 60 कट्टों में लगभग 29.30 क्विंटल गेहूं।
- चावल: 20 कट्टों में 9.75 क्विंटल फोर्टिफाइड चावल (प्रथम दृष्टया पीडीएस के तहत वितरित होने वाला)।
पूछताछ और खुलासे:
वाहन चालक मोहम्मद अली (पिता जाकिर हुसैन) से पूछताछ में पता चला कि यह खाद्यान्न लक्ष्मणपुरा निवासी रामजीप्रसाद गुप्ता के गोदाम से लोड किया गया था। मौके पर मौजूद रामजीप्रसाद गुप्ता ने स्वीकार किया कि यह खाद्यान्न उसी का है, जिसे वह गेहूं 20 रुपये प्रति किलो और फोर्टिफाइड चावल 22 रुपये प्रति किलो की दर से लगभग 4 रुपये प्रति किलो का मुनाफा लेकर बेचता था।
दस्तावेजों की जांच में आरोपी इस खाद्यान्न के क्रय-विक्रय से संबंधित कोई भी वैध बिल या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
आरोपियों पर कार्रवाई:
प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीनों आरोपियों—रामजीप्रसाद गुप्ता, वाहन चालक मोहम्मद अली और वाहन मालिक जाकिर हुसैन—के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज करा दी है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गरीबों के हक के अनाज की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी कड़ाई से जारी रहेगा।
