इंदौर। कलेक्टर श्री शिवम वर्मा के निर्देशन में इंदौर जिले में अमानक खाद्य सामग्री और मिलावट के खिलाफ विशेष अभियान लगातार जारी है। बुधवार को खाद्य सुरक्षा प्रशासन की संयुक्त टीमों ने विभिन्न डेयरियों, प्रतिष्ठानों और शैक्षणिक संस्थानों की कैंटीन का औचक निरीक्षण किया। इस कार्रवाई के दौरान कुल 17 खाद्य नमूने जांच के लिए लिए गए, वहीं लगभग 1 लाख 35 हजार रुपये मूल्य का 208 किलोग्राम संदिग्ध घी जब्त किया गया।
कार्रवाई के प्रमुख बिंदु:
- श्रीनाथ एजेंसी (हिम्मतनगर, पालदा): यहाँ लस्सी और छाछ का निर्माण, पैकेजिंग व विक्रय किया जा रहा था। टीम ने बल्क मिल्क चिलिंग सेंटर से लस्सी और छाछ के 02 नमूने जांच हेतु संग्रहित किए।
- मेडीकैप्स इंटरनेशनल स्कूल (किचन और मेस निरीक्षण): स्कूल के औचक निरीक्षण के दौरान किचन व स्टोरेज क्षेत्र में गंभीर कमियां पाई गईं। उबले आलू, कटी शिमला मिर्च और पाव जैसी सामग्रियां अस्वच्छ परिस्थितियों में मिलीं, और कुछ पैकेटों पर लेबलिंग अधूरी थी। फ्रीजर में सही तापमान पर न रखे गए फ्रोजन फिंगर चिप्स और मटर को मौके पर ही नष्ट कराया गया। साथ ही जंग लगे चाकू और गंदे चॉपिंग बोर्ड हटवाए गए। परिसर से पनीर, सौंफ, मूंगफली, राजमा और मूंग छिलका दाल के 05 नमूने लिए गए और मैजिक बॉक्स से स्पॉट टेस्टिंग की गई।
- नानकसर डेयरी फार्म (अभिषेक नगर, मूसाखेड़ी): प्रतिष्ठान से पनीर, मावा, दही और घी के 05 नमूने लिए गए। यहाँ परिसर में रखा 208 किलोग्राम घी संदिग्ध प्रतीत होने पर जब्त किया गया, जिसकी कीमत लगभग 1.35 लाख रुपये है। फर्म को सुधार सूचना पत्र जारी किया जा रहा है।
- श्री भोले कृपा डेयरी (राऊ): यहाँ से दूध और दुग्ध उत्पादों के 05 नमूने जांच हेतु संग्रहित किए गए।
मोबाइल फूड लैब द्वारा जन-जागरूकता:
इस अभियान के तहत राऊ क्षेत्र में मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब ("फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स") के माध्यम से खाद्य पदार्थों की स्पॉट टेस्टिंग की गई और आमजन तथा कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा मानकों, स्वच्छता और मिलावट की पहचान के प्रति जागरूक किया गया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ यह सख्त अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
