नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी CJP के धरना-प्रदर्शन (CJP Protest) के मद्देनजर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। संसद मार्ग, टॉलस्टाय मार्ग और कनॉट प्लेस जैसे संवेदनशील इलाकों में भारी बैरिकेडिंग के साथ सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति दोहराई है।
देशभर में जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान:
CJP ने शुक्रवार को पूरे देश में जिला स्तर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। संगठन ने सोशल मीडिया के माध्यम से सभी छात्र संगठनों से एकजुट होकर इसमें भाग लेने की अपील की है।
दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम और CRPF की तैनाती:
- भारी सुरक्षा बल: संसद मार्ग और टॉलस्टाय मार्ग पर आवाजाही सीमित कर दी गई है। प्रदर्शन के दौरान संभावित उपद्रव की आशंका को देखते हुए गृह मंत्रालय के निर्देश पर CRPF की 20 कंपनियों को तैनात किया गया है।
- इंटरनेट सेवाएं बंद: स्थिति नियंत्रित रखने के लिए प्रदर्शन स्थल के दो किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी गई हैं, जिससे ऑनलाइन फूड डिलीवरी, कैब बुकिंग और आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।
- कनॉट प्लेस का कारोबार प्रभावित: सुरक्षा कारणों से कनॉट प्लेस को शाम के समय बंद रखने का निर्णय लिया गया। NDTA के अनुसार, लगातार चार दिनों के तनाव के कारण यहाँ के करीब 2,000 कारोबारी प्रतिष्ठानों का कामकाज प्रभावित हुआ है। टॉलस्टाय मार्ग पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प के बाद लाठीचार्ज की स्थिति भी बनी।
DMRC की एडवाइजरी: 17 मेट्रो स्टेशन बंद
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सुरक्षा कारणों के चलते शुक्रवार को सुबह 7:30 बजे से 17 मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद रखने की घोषणा की है। इनमें लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, जनपथ, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, आईटीओ और सुप्रीम कोर्ट सहित कई प्रमुख स्टेशन शामिल हैं।
पेपर लीक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सख्त संदेश:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीट और अन्य परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए कहा है कि सरकार इस पर और अधिक कठोर कदम उठाने जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेपर लीक माफिया पर कड़ी चोट की जाएगी और छात्रों का भविष्य बर्बाद करने वालों के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है।
सोनम वांगचुक ने तोड़ा 27 दिन का अनशन:
गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने 27वें दिन अपना अनशन समाप्त कर दिया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने अस्पताल पहुंचकर उन्हें जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उनके स्वास्थ्य की कामना की है।
