नर्मदापुरम। कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में शैक्षणिक व्यवस्थाओं की सतत निगरानी और गुणवत्ता सुधार के तहत केसला विकासखंड के विभिन्न शासकीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया। जिला परियोजना समन्वयक (DPC) डॉ. राजेश जायसवाल और सहायक परियोजना समन्वयक (APC) श्री विनोद केरकेट्टा की संयुक्त टीम ने आयुध नगर, सनखेड़ा, पांडरी और डोब स्थित विद्यालयों का जायजा लिया।
निरीक्षण के प्रमुख बिंदु:
- उपस्थिति और स्वच्छता: निरीक्षण के दौरान विद्यालयों में शिक्षक व विद्यार्थियों की उपस्थिति, परिसर की स्वच्छता, वर्तमान पाठ्यक्रम, मध्यान्ह भोजन व्यवस्था और शैक्षणिक गुणवत्ता का बारीकी से परीक्षण किया गया।
- ई-अटेंडेंस और शिक्षण पद्धति: शिक्षकों को 'ई-अटेंडेंस' के माध्यम से नियमित रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, बच्चों की सीखने की क्षमता में सुधार के लिए प्रभावी शिक्षण पद्धतियाँ अपनाने और नियमित मूल्यांकन करने पर जोर दिया गया।
अनुपस्थित शिक्षक पर सख्त कार्रवाई:
निरीक्षण के दौरान शासकीय माध्यमिक शाला डोब में शिक्षक श्री एन.पी. चौरे बिना किसी पूर्व सूचना के विद्यालय से अनुपस्थित पाए गए। इस गंभीर अनुशासनहीनता पर अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित शिक्षक को कारण बताओ सूचना पत्र (शो-कॉज नोटिस) जारी किया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के भविष्य और पठन-पाठन में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ इस तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
