उज्जैन: पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) की पहल से 13 माह के इमादुल्ला ने जीती कुपोषण से जंग


उज्जैन। जिला चिकित्सालय के चरक भवन में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) ने एक बार फिर एक मासूम को नया जीवन दिया है। गंभीर कुपोषण का शिकार 13 माह का बच्चा इमादुल्ला अब पूरी तरह स्वस्थ है और सामान्य बच्चों की तरह जीवन व्यतीत कर रहा है।

क्या था मामला?
शहर के शिकारी गली निवासी इमादुल्ला, दस्त और डिहाइड्रेशन की गंभीर समस्या के साथ जिला चिकित्सालय लाया गया था। चिकित्सकों द्वारा जांच में पाया गया कि बच्चे का वजन मात्र 6 किलो 20 ग्राम था, जो उसकी उम्र के हिसाब से अत्यंत कम था। वह गंभीर कुपोषण की श्रेणी में था। चिकित्सकों की सलाह पर उसे तुरंत पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया गया।

14 दिन का विशेष उपचार और देखभाल
एनआरसी में विशेषज्ञ चिकित्सकों और पोषण प्रशिक्षकों की देखरेख में बच्चे का 14 दिनों तक सघन उपचार चला। इस दौरान उसे पौष्टिक आहार और आवश्यक दवाएं प्रदान की गईं। उपचार का ही परिणाम रहा कि बच्चे का वजन 900 ग्राम बढ़कर 6 किलो 920 ग्राम हो गया।
  • विशेषज्ञ टीम: उपचार प्रक्रिया में डॉ. पूजा गेहलोत और पोषण प्रशिक्षक श्रीमती सोनल ठाकुर सहित एनआरसी के पूरे स्टाफ का अहम योगदान रहा।
  • प्रोत्साहन: विभाग की ओर से बच्चे के परिजनों को 1680 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।
  • प्रशिक्षण: डिस्चार्ज के समय परिजनों को घर पर पौष्टिक आहार बनाने और बच्चे की नियमित देखभाल का विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया।
अब इमादुल्ला स्वस्थ, जारी है फॉलोअप
सीएमएचओ डॉ. अशोक कुमार पटेल ने बताया कि बच्चा अब पूरी तरह स्वस्थ है। वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग द्वारा उसका नियमित 'फॉलोअप' किया जा रहा है, ताकि घर पर भी उसका पोषण स्तर बना रहे। इस सफलता से इमादुल्ला के परिजन बेहद खुश हैं और उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम का आभार व्यक्त किया है।

यह मामला इस बात का प्रमाण है कि सही समय पर अस्पताल पहुँचने और पोषण पुनर्वास केंद्रों के माध्यम से मिलने वाली विशेष देखभाल से गंभीर कुपोषण को दूर कर बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है।
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