उज्जैन संभाग में धार्मिक पर्यटन को नए पंख: 1100 करोड़ से संवरेंगे 11 ऐतिहासिक मंदिर, देश में पहली बार जारी होंगे 'टेंपल बॉन्ड'


उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन संभाग के प्रसिद्ध और सिद्ध देवस्थानों के जीर्णोद्धार और वहां की व्यवस्थाओं को विश्वस्तरीय बनाने के लिए 1100 करोड़ रुपये का एक मेगा प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। इस भव्य योजना के तहत भारत में पहली बार 200 करोड़ रुपये के "टेंपल बॉन्ड" जारी किए जाएंगे, जिनकी परिपक्वता अवधि (Tenure) 10 वर्ष होगी।

संभागायुक्त आशीष सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में निर्देश दिए गए हैं कि बॉन्ड जारी करने की सभी कागजी और तकनीकी प्रक्रियाएं 15 जुलाई तक पूरी कर ली जाएं, ताकि 31 जुलाई तक इसे आधिकारिक रूप से लॉन्च किया जा सके।

ऐसा होगा 1100 करोड़ रुपये का वित्तीय रोडमैप
इस महापरियोजना को धरातल पर उतारने के लिए प्रशासन ने तीन अलग-अलग वित्तीय माध्यमों से बजट जुटाने की रणनीति बनाई है:
  • टेंपल बॉन्ड: ₹200 करोड़ रुपये देश के पहले 'टेंपल बॉन्ड' के जरिए आम निवेशकों और श्रद्धालुओं से जुटाए जाएंगे (10 साल की अवधि के लिए)।
  • अर्बन चैलेंज फंड: ₹275 करोड़ रुपये इस विशेष फंड के माध्यम से प्राप्त होंगे।
  • बैंक फाइनेंस: ₹625 करोड़ रुपये की शेष राशि विभिन्न बैंकों से वित्तीय लोन या फंडिंग के रूप में जुटाई जाएगी।
इन 11 प्रमुख देवस्थानों की बदलेगी सूरत
इस कायाकल्प योजना के तहत उज्जैन और आगर-मालवा जिले के उन सिद्ध धार्मिक स्थलों को चुना गया है, जहां हर साल देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस सूची में शामिल प्रमुख मंदिर हैं:
  1. श्री कालभैरव मंदिर
  2. मंगलनाथ मंदिर
  3. सांदीपनी आश्रम
  4. नवग्रह शनि मंदिर
  5. 84 महादेव मंदिर श्रृंखला
  6. श्री अंगारेश्वर महादेव मंदिर
  7. भूखी माता मंदिर
  8. गढ़कालिका मंदिर
  9. सिद्धवट मंदिर
  10. मां बगलामुखी मंदिर (आगर-मालवा)

श्रद्धालुओं को मिलेंगी वर्ल्ड क्लास सुविधाएं
'श्री महाकाल लोक' के भव्य निर्माण के बाद से उज्जैन आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। इसे देखते हुए इन सहायक मंदिरों का विकास अनिवार्य हो गया था। इस भारी-भरकम बजट से इन सभी परिसरों का सौंदर्यीकरण, गर्भगृह का संरक्षण, बड़ी पार्किंग व्यवस्था, आधुनिक विश्राम गृह, सुगम दर्शन के लिए कतार प्रबंधन, शुद्ध पेयजल और डिजिटल सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

बैठक में रहे मौजूद:
इस बड़ी रणनीतिक बैठक में कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक, यूडीए (UDA) के सीईओ संदीप सोनी सहित पीडब्ल्यूडी, जल संसाधन और नगरीय प्रशासन विभाग के शीर्ष अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रशासन को पूरा भरोसा है कि 'टेंपल बॉन्ड' का यह अनूठा और अभिनव प्रयोग भविष्य में धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में पूरे देश के लिए एक नजीर (रोल मॉडल) बनेगा।
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