धार-टांडा: लोगों को नकली सोने की सिल्ली दिखाकर अपनी ठगी का शिकार बनाने वाले एक बेहद शातिर और कुख्यात बदमाश को टांडा पुलिस ने धरदबोचा है। लाखों रुपये की धोखाधड़ी, मारपीट और लूट जैसी कई वारदातों को अंजाम देने वाला यह आरोपी काफी समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था।
जंगलों में घेराबंदी कर दबोचा गया आरोपी
पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली थी कि आरोपी जामदा भूतिया इलाके में छुपा हुआ है। सूचना मिलते ही टांडा थाना प्रभारी निरीक्षक संजय रावत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए बाइक और जीप से इलाके की तरफ कूच किया। पुलिस जवानों ने जंगलों में सघन तलाशी अभियान चलाया और चारों तरफ से घेराबंदी करके आरोपी को रंगे हाथों दबोच लिया। कानूनी कार्रवाई के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
सस्ते सोने का लालच देकर सुनसान जगह पर बुलाता था गिरोह
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी गंगाराम बामनिया अपने गैंग के साथ मिलकर लोगों को फंसाने का जाल बुनता था। वह सीधे-साधे लोगों को असली सोने की सिल्ली बेहद कम दामों में बेचने का लालच देता था।
लूट और ठगी का तरीका:
पीड़ित (फरियादी) द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने उसे सोने की सिल्ली बेचने का झांसा देकर अपनी गाड़ी में बैठाया। इसके बाद वे उसे एक सुनसान जगह पर ले गए, जहाँ उसके साथ जमकर मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। आरोपियों ने डरा-धमकाकर पीड़ित के मोबाइल से ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवाए और उसके पास मौजूद नकदी, मोबाइल व अन्य सामान लूट लिया। इस तरह नकली सोने के फेर में फंसाकर पीड़ित से करीब 2 लाख 97 हजार रुपये की बड़ी ठगी और लूट को अंजाम दिया गया था।
शराब तस्करी से भी जुड़े हैं तार, कई जिलों की पुलिस को थी तलाश
पुलिस पड़ताल में यह भी खुलासा हुआ है कि पकड़ा गया आरोपी सिर्फ ठगी ही नहीं, बल्कि अवैध शराब की तस्करी और ब्लैकिंग जैसे काले कारनामों में भी लिप्त है। आरोपी गंगाराम के खिलाफ टांडा, सरदारपुर और आलीराजपुर जिले के कई थानों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं और पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी।
इस शातिर अपराधी को सलाखों के पीछे पहुंचाने में थाना प्रभारी निरीक्षक संजय रावत और उनकी पूरी टांडा पुलिस टीम की मुख्य भूमिका रही, जिनकी मुस्तैदी की सराहना की जा रही है।
