सिवनी: ओडिशा से मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल ले जाई जा रही मादक पदार्थों की एक बड़ी खेप को सिवनी जिले की पुलिस ने पकड़ने में बड़ी सफलता हासिल की है। लखनादौन पुलिस ने नाकाबंदी कर एक अंतरराज्यीय गिरोह के दो तस्करों को दबोचा है, जो कार की सीट के नीचे गुप्त केबिन बनाकर नशीले पदार्थ की तस्करी कर रहे थे।
खुफिया इनपुट पर बम्होड़ी ब्रिज के पास घेराबंदी
पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) कृष्ण लालचंदानी ने मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 27 मई को पुलिस को सटीक मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक स्विफ्ट डिजायर कार (नंबर- MP 49 C 3251) नागपुर के रास्ते भारी मात्रा में गांजा लेकर भोपाल की तरफ जा रही है।
इस इनपुट पर तुरंत एक्शन लेते हुए लखनादौन एसडीओपी अपूर्व भलावी के नेतृत्व में लखनादौन थाना प्रभारी केपी धुर्वे और छपारा थाना प्रभारी खैमेन्द्र जैतवार की संयुक्त टीम बनाई गई। पुलिस बल ने बम्होड़ी ब्रिज के पास जाल बिछाकर संदेही कार को रोका।
कार की सीट के नीचे मिला सीक्रेट चेंबर
जब पुलिस ने कार सवारों से सख्ती से पूछताछ की और गाड़ी की बारीकी से तलाशी ली, तो वे हैरान रह गए। तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए कार की पिछली सीट के नीचे एक विशेष गुप्त केबिन (चेंबर) बना रखा था। इसमें 15 पैकेटों के अंदर कुल 87 किलोग्राम गांजा बेहद शातिर तरीके से छिपाया गया था। पुलिस ने गांजा और तस्करी में इस्तेमाल कार को जब्त कर लिया है, जिसकी कुल अनुमानित कीमत करीब 51.30 लाख रुपये (गांजा ₹43 लाख) आंकी गई है। यह गाड़ी किसी दिनेश पटेल के नाम पर रजिस्टर्ड है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।
भोपाल के रहने वाले हैं आरोपी, 5 दिन की रिमांड मंजूर
पकड़े गए आरोपियों की पहचान भोपाल निवासी जाकिर मियां (58) और कमल जाटव (41) के रूप में हुई है। लखनादौन थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से पुलिस को आरोपियों की 5 दिनों की रिमांड मिल गई है।
पूछताछ में बड़ा खुलासा: शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया है कि वे पहले भी 4 से 5 बार ओडिशा से इसी तरह गांजे की खेप भोपाल सप्लाई कर चुके हैं। पुलिस अब इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य मददगारों और मास्टरमाइंड का पता लगाने में जुटी है।
पुलिस टीम को मिलेगा नकद इनाम
इस शानदार और बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम (एसडीओपी अपूर्व भलावी, थाना प्रभारी केपी धुर्वे, खैमेन्द्र जैतवार, सउनि प्रदीप शर्मा, आरक्षक धनेश्वर यादव, ओमप्रकाश धुर्वे और लकेश पटले) को एसपी ने नकद पुरस्कार देने का ऐलान किया है।
प्रेस वार्ता में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) दीपक मिश्रा भी मौजूद रहे। एसपी ने कड़े लहजे में कहा कि जिले में अवैध नशे के कारोबार पर 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत एक्शन जारी रहेगा और उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि वे बिना डरे नशे के सौदागरों की सूचना पुलिस को दें।