ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में महिला सशक्तिकरण की एक बेहद खूबसूरत और प्रेरणादायक तस्वीर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सोच के अनुरूप शुरू किए गए अभिनव प्रयोग "शक्ति दीदी" के तहत अब जरूरतमंद महिलाएं पेट्रोल पंपों पर फ्यूल डिलीवरी वर्कर (ईंधन भरने का काम) के रूप में अपनी धाक जमा रही हैं। इसी कड़ी में गुरुवार (28 मई) को 6 और जरूरतमंद महिलाओं को आत्मनिर्भरता की राह दिखाते हुए "शक्ति दीदी" की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस नई शुरुआत के साथ ही जिले में आत्मनिर्भर बनने वाली शक्ति दीदियों की कुल संख्या बढ़कर अब 118 हो गई है।
कलेक्टर रुचिका चौहान ने खुद पहनाई जैकेट, बढ़ाया हौसला
गुरुवार को ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने रेसकोर्स रोड पर स्थित सैनिक फिलिंग स्टेशन पहुंचकर गायत्री को और केसर फिलिंग स्टेशन पर प्रवीणा को शक्ति दीदी के रूप में काम की कमान सौंपी। कलेक्टर ने दोनों महिलाओं का फूल-मालाओं से स्वागत किया और उन्हें विशेष 'शक्ति दीदी जैकेट' पहनाई।
महिला कर्मियों का उत्साह बढ़ाते हुए कलेक्टर ने कहा:
"आप सभी पूरे आत्मविश्वास और हिम्मत के साथ अपने इस नए दायित्व को संभालें। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग हर कदम पर आपकी सुरक्षा और मदद के लिए हमेशा तैयार है।"
इसके साथ ही उन्होंने पेट्रोल पंप संचालकों को भी कड़े निर्देश दिए कि काम के दौरान इन महिला कर्मचारियों को किसी भी तरह की परेशानी या असुविधा नहीं होनी चाहिए। इस खास मौके पर महिला बाल विकास के सहायक संचालक राहुल पाठक, सहायक जिला आपूर्ति अधिकारी सौरभ जैन और जिला खेल अधिकारी जोसेफ बक्सला भी मौजूद रहे।
अन्य पेट्रोल पंपों पर भी अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
कलेक्टर की इस मुहिम के साथ ही जिले के अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने भी अलग-अलग पेट्रोल पंपों पर पहुंचकर नई शक्ति दीदियों की जॉइनिंग कराई:
- बड़ागांव: कामतानाथ फिलिंग स्टेशन पर कल्पना को जिम्मेदारी दी गई।
- कंपू: सुविधा फ्यूल्स पर सोनम और संध्या ने मोर्चा संभाला।
- गोले का मंदिर: इन्द्रप्रस्थ फिलिंग स्टेशन पर अनुराधा को शक्ति दीदी के रूप में तैनात किया गया।
इस नवाचार के जरिए ग्वालियर की जरूरतमंद महिलाएं न सिर्फ आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं, बल्कि समाज में रूढ़िवादिता को तोड़कर दूसरों के लिए मिसाल भी पेश कर रही हैं।