सारंगपुर (राजगढ़)। चिलचिलाती धूप और लू के प्रकोप को देखते हुए जहां शासन ने नर्सरी से 12वीं तक के सभी स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी हैं, वहीं आंगनबाड़ियों के छोटे बच्चों के लिए अभी तक कोई राहत नहीं मिली है। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों की आंगनबाड़ियां वर्तमान में सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक संचालित हो रही हैं, जिससे बच्चों की सेहत पर डिहाइड्रेशन और अन्य बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।
स्कूलों में छुट्टी, पर आंगनबाड़ी जारी: पालकों में रोष
अभिभावकों का सवाल है कि यदि गर्मी का खतरा स्कूली बच्चों के लिए है, तो आंगनबाड़ी आने वाले 3 से 6 साल के बच्चों के लिए नियम अलग क्यों हैं? दोपहर 12 बजे जब गर्मी अपने चरम पर होती है, तब इन छोटे बच्चों की छुट्टी की जाती है। अभिभावकों का कहना है कि वे मजबूरी में बच्चों को भेज रहे हैं, लेकिन शासन के इस दोहरे मापदंड से उनमें गहरी चिंता है।
बिजली संकट ने बढ़ाई मुश्किलें
व्यवस्थाओं की पड़ताल में सामने आया है कि कई आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति बेहद खराब है।
- बिजली गुल: वार्ड-18 गोपालपुरा की आंगनबाड़ी में बिजली विभाग द्वारा कनेक्शन काटे जाने की खबर है।
- मीटर शोपीस बने: परियोजना की कुल 271 आंगनबाड़ियों में से तुकोगंज, चतरुखेड़ी, मेहताबपुर, बारोल, बापचया और सुलतानपुरा जैसे 50 से अधिक केंद्रों में बिजली के मीटर तो लगे हैं, लेकिन बिजली की सप्लाई शुरू नहीं हो पाई है। उमस और गर्मी के बीच बच्चे बिना पंखे के बैठने को मजबूर हैं।
प्रशासनिक रुख: जून में मिल सकती है राहत
इस पूरे मामले पर महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें फिलहाल आंगनबाड़ी बंद करने के कोई उच्च स्तरीय आदेश नहीं मिले हैं।
