ग्वालियर। शहर के उपनगर क्षेत्र में एक छात्रा को डिजिटल जाल में फंसाकर ब्लैकमेल करने और उसकी मर्यादा को ठेस पहुँचाने का शर्मनाक मामला सामने आया है। एक युवक ने पहले छात्रा से दोस्ती की और फिर उसकी निजी तस्वीरें व वीडियो हासिल कर उसे एक लाख रुपये के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
विश्वासघात और ब्लैकमेलिंग का जाल
पुलिस के अनुसार, 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली 18 वर्षीय छात्रा की जान-पहचान हरमन चावला नाम के युवक से हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई, लेकिन धीरे-धीरे आरोपी ने छात्रा को अपनी बातों में फंसा लिया। आरोपी ने छात्रा का विश्वास जीतकर उससे कुछ निजी (न्यूड) फोटो और वीडियो हासिल कर लिए।
जैसे ही आरोपी के पास यह सामग्री पहुंची, उसने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया। उसने छात्रा से एक लाख रुपये की मांग की और धमकी दी कि पैसे न मिलने पर वह इन तस्वीरों को सार्वजनिक कर देगा। डर के मारे छात्रा ने उसका नंबर ब्लॉक कर दिया, लेकिन आरोपी की हरकतें यहीं नहीं रुकीं।
फर्जी इंस्टाग्राम आईडी से तस्वीरें वायरल कीं
पैसे न मिलने पर आरोपी ने छात्रा के नाम से ही इंस्टाग्राम पर एक फर्जी प्रोफाइल (Fake ID) बनाई। उसने न केवल वहां आपत्तिजनक सामग्री अपलोड की, बल्कि छात्रा के रिश्तेदारों को भी उस आईडी से जोड़ लिया (Follow किया)। जब एक रिश्तेदार ने ये तस्वीरें देखीं और छात्रा के पिता को सूचित किया, तब जाकर इस पूरी घटना का खुलासा हुआ।
कानूनी कार्रवाई और पुलिस का बयान
परिजनों के पूछने पर छात्रा ने पिछले आठ महीनों से चल रही इस प्रताड़ना की पूरी जानकारी दी। ग्वालियर थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर हरमन चावला के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। एएसपी अनु बेनीवाल ने बताया कि आरोपी की पहचान हो चुकी है और उसे पकड़ने के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
सावधानी ही बचाव है: विशेषज्ञों की सलाह
यह घटना किशोरों और युवाओं के लिए एक बड़ा सबक है। पुलिस और विशेषज्ञों ने सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातें साझा की हैं:
- अजनबियों से दूरी: सोशल मीडिया पर किसी भी अज्ञात व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट या फॉलो रिक्वेस्ट स्वीकार करने से बचें।
- निजी जानकारी साझा न करें: किसी भी व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और अपनी निजी तस्वीरें या वीडियो साझा करने से बचें।
- ब्लैकमेलिंग पर न डरें: यदि कोई आपको डराता या धमकाता है, तो चुप रहने के बजाय तुरंत अपने माता-पिता या पुलिस (साइबर सेल) को सूचित करें।
- प्राइवेसी सेटिंग्स: अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स की प्राइवेसी सेटिंग्स को मजबूत रखें ताकि केवल परिचित ही आपकी जानकारी देख सकें।
