इंदौर/शिलांग। चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड के मामले में मुख्य आरोपी राज कुशवाह और उसके सहयोगियों को मेघालय की अदालत से बड़ा झटका लगा है। शिलांग सेशन कोर्ट ने राज कुशवाह, आनंद, आकाश राजपूत और विशाल चौहान की जमानत याचिकाओं को सुनवाई के बाद नामंजूर कर दिया है।
आरोपियों ने दी थी संविधान के अनुच्छेद 22(1) की दलील
आरोपियों की ओर से अदालत में दलील दी गई थी कि उनकी गिरफ्तारी के दौरान संवैधानिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। उन्होंने आर्टिकल 22(1) के उल्लंघन का हवाला देते हुए कहा कि गिरफ्तारी के समय उन्हें इसके ठोस कारणों या आधार की जानकारी नहीं दी गई थी। इसी आधार पर उन्होंने रिहाई की अपील की थी।
सरकारी वकील की दलीलें और कोर्ट का रुख
सुनवाई के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने आरोपियों के दावों का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि:
- जब इंदौर में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, तब उन्हें गिरफ्तारी का पूरा कारण स्पष्ट किया गया था।
- पुलिस ने नियमानुसार उन्हें कानूनी सहायता (वकील) लेने का सुझाव भी दिया था, लेकिन आरोपियों ने स्वयं का वकील चुनने की बात कहकर मना कर दिया था।
- इंदौर की अदालत में पेशी के दौरान भी आरोपियों ने स्वीकार किया था कि वे अपनी गिरफ्तारी की वजह जानते हैं।
उल्लेखनीय है कि मुख्य आरोपी राज कुशवाह की जमानत अर्जी अब तक चौथी बार खारिज की जा चुकी है।
सोनम की जमानत पर 12 मई को हाईकोर्ट में सुनवाई
इस हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम वर्तमान में जमानत पर जेल से बाहर है और शिलांग में रह रही है। हालांकि, उसकी आजादी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। मेघालय सरकार ने निचली अदालत के 'बेल ऑर्डर' को चुनौती देते हुए मेघालय हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
राज्य सरकार ने सोनम की जमानत रद्द करने की मांग की है। इस महत्वपूर्ण मामले पर अब 12 मई को शिलांग हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
