एमपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: अब मंडी टैक्स होगा 1.5%, ट्रांसफर पर डेडलाइन तय


भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए हैं, जो प्रदेश के विकास और बुनियादी ढांचे को प्रभावित करेंगे। इन फैसलों में मंडी शुल्क में बदलाव से लेकर प्रशासनिक कार्यप्रणाली को दुरुस्त करने तक के निर्देश शामिल हैं।

मंडी टैक्स में बदलाव: कपास पर राहत, अन्य कृषि उपज पर बढ़ोतरी
कैबिनेट ने मध्य प्रदेश में मंडी शुल्क को 1% से बढ़ाकर 1.5% करने पर मुहर लगा दी है। सरकार का अनुमान है कि इस निर्णय से सालाना लगभग 835 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा, जिसे राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास और गौ-संवर्धन (गाय के संरक्षण) की गतिविधियों में खर्च किया जाएगा। इसके विपरीत, कपास उत्पादकों को बड़ी राहत देते हुए मंडी शुल्क को प्रति गठान 1 रुपये से घटाकर 50 पैसे कर दिया गया है।

मेट्रो प्रोजेक्ट का बजट बढ़ा
राज्य में मेट्रो रेल परियोजना को गति देने के लिए सरकार ने अतिरिक्त बजट मंजूर किया है। परियोजना की कुल लागत में 3,000 करोड़ रुपये की वृद्धि की गई है, जिसके बाद अब यह बजट 6,941 करोड़ रुपये से बढ़कर 10,033 करोड़ रुपये हो गया है।

तबादलों की अंतिम तारीख 15 जून
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले (ट्रांसफर) की प्रक्रिया 15 जून तक ही पूरी की जानी है। उन्होंने मंत्रियों को निर्देशित किया है कि वे समय सीमा के भीतर अपना काम पूरा करें, क्योंकि तारीख बढ़ाने का फिलहाल कोई विचार नहीं है।

अन्य महत्वपूर्ण निर्णय:
  • विकास उत्सव: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के सफल कार्यकाल के उपलक्ष्य में प्रदेश भर में 21 जून तक विशेष विकास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद, 21 जून से ही विभिन्न क्षेत्रों में शिविरों का आयोजन होगा।
  • उर्वरक प्रबंधन: वैश्विक स्तर पर खाद और उर्वरकों की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि वे किसानों को जागरूक करें ताकि खेती में किसी भी प्रकार की समस्या न हो।
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