कटनी। जन-केंद्रित और पारदर्शी पुलिसिंग की दिशा में कटनी पुलिस ने एक ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल किया है। जिले के 13 पुलिस थानों, 2 अनुविभागीय पुलिस कार्यालयों और पुलिस अधीक्षक कार्यालय को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों (ISO Certification) के अनुरूप कार्यप्रणाली विकसित करने के लिए प्रमाणित किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरा कटनी पुलिस का कामकाज
इस प्रमाणन की प्रक्रिया में पुलिस इकाइयों का गहन मूल्यांकन किया गया, जिसमें पुलिस के व्यवहार, शिकायत निवारण की गति, रिकॉर्ड प्रबंधन और डिजिटल सुविधाओं जैसे मानकों को परखा गया। मुख्य मूल्यांकन बिंदुओं में शामिल थे:
- कार्यक्षमता और संवेदनशीलता: शिकायतकर्ताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार और शिकायतों का समयबद्ध निराकरण।
- डिजिटल और आधुनिक प्रबंधन: अभिलेखों का वैज्ञानिक संधारण, सीसीटीएनएस (CCTNS) के माध्यम से सूचनाओं का आदान-प्रदान और ऑनलाइन एफआईआर की समयबद्ध उपलब्धता।
- आधारभूत सुविधाएँ: थानों में स्वच्छ कार्यस्थल, महिला एवं पुरुषों के लिए पृथक व्यवस्थाएं और जप्ती माल का व्यवस्थित रखरखाव।
इन इकाइयों को मिला गौरव
29 जून को आयोजित एक विशेष समारोह में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (जबलपुर जोन) श्री प्रमोद वर्मा, कलेक्टर श्री आशीष तिवारी और पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा की उपस्थिति में प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। जिन इकाइयों ने यह सम्मान प्राप्त किया, उनमें पुलिस अधीक्षक कार्यालय, विजयराघवगढ़ व स्लीमनाबाद के अनुविभागीय कार्यालय तथा कोतवाली, कुठला, माधवनगर, यातायात, एनकेजे, स्लीमनाबाद, उमरिया पान, बहोरीबंद, ढीमरखेड़ा, रीठी, बड़वारा, बरही और विजयराघवगढ़ थाने शामिल हैं।
जनसेवा में नई ऊंचाइयों की ओर
यह उपलब्धि केवल कटनी पुलिस के लिए ही नहीं, बल्कि संपूर्ण मध्यप्रदेश पुलिस के लिए गौरव का विषय है। 'नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग' की दिशा में यह पहल प्रदेश के अन्य जिलों के लिए एक 'मॉडल' के रूप में उभरी है। इस आईएसओ प्रमाणन से स्पष्ट है कि कटनी पुलिस अब न केवल अपराध नियंत्रण में बल्कि सेवा गुणवत्ता और पारदर्शिता में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की कार्यप्रणाली अपना रही है।
