भोपाल। 'विकसित भारत @ 2047' के संकल्प को साकार करने की दिशा में मध्य प्रदेश सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। भोपाल में 'इकोनॉमिक टाइम्स' द्वारा आयोजित "विकसित मध्यप्रदेश कॉन्क्लेव 2026" में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।
निवेश का नया गढ़ बना एमपी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में औद्योगिक विकास की गति पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि ग्लोबल समिट में प्राप्त 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों में से 10 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ का 'उद्योग-अनुकूल वातावरण' है, जो निवेशकों को आकर्षित कर रहा है।
एमएसएमई मंत्री ने गिनाईं उपलब्धियाँ
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने उद्योगमित्र योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया:
- निवेशकों के लिए सुगम राह: उद्योग स्थापित करने में आने वाली वित्तीय, भूखंड और पर्यावरणीय संबंधी छोटी-छोटी बाधाओं को त्वरित हल करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
- अभूतपूर्व विकास: पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश ने विकास की जो गति पकड़ी है, वह पहले कभी नहीं देखी गई। कृषि के साथ-साथ पर्यटन और उद्योगों का संतुलित विकास सरकार की प्राथमिकता है।
उद्योग जगत का विश्वास
सेज ग्रुप के चेयरमैन श्री संजीव अग्रवाल ने प्रदेश को उद्योगों के लिए 'सर्वश्रेष्ठ स्थान' बताते हुए निवेशकों को मिल रही सुविधाओं की मुक्त कंठ से सराहना की।
प्रशासनिक सुधार और नवाचार
मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने उद्योगों के अनुकूल नई नीतियों और सरलीकृत नियमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार चहुँमुखी विकास को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार नवाचार कर रही है, ताकि निवेश की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सरल हो सके।
कार्यक्रम के दौरान 'इकोनॉमिक टाइम्स' के सीनियर एसोसिएट एडिटर श्री अर्पित गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत किया। इस कॉन्क्लेव ने उद्योग जगत और सरकार के बीच एक सेतु का काम किया है, जिससे प्रदेश के औद्योगिक भविष्य की एक स्पष्ट और सकारात्मक तस्वीर उभर कर सामने आई है।
