इंदौर। खंडवा रोड स्थित कस्तूरबा ग्राम में गुरुवार को एक विवादित घटना ने क्षेत्र में दहशत फैला दी। बताया जा रहा है कि जमीन खाली कराने के मकसद से करीब 40 लोगों की एक भीड़ डंडे और हथियारों के साथ पहुंची, जिससे वहां रह रहे गरीब परिवारों में अफरा-तफरी मच गई।
क्या है पूरा मामला?
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि गुरुवार को अचानक हथियारों से लैस करीब 40 लोग मौके पर पहुँचे और झोपड़ियों में रह रहे परिवारों को जबरन जमीन खाली करने की चेतावनी दी। इस दौरान भीड़ ने परिवारों को डराया-धमकाया, जिससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों में भारी भय का माहौल बन गया। निवासियों ने दावा किया है कि हमलावरों के वाहनों में हथियार भी मौजूद थे, जिन्होंने खुलेआम अपनी धमक दिखाई।
पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल
सूचना मिलने पर तेजाजी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने अब तक इस मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, इस सीमित कार्रवाई पर स्थानीय लोगों ने गहरा रोष व्यक्त किया है। पीड़ितों का कहना है कि जब घटनास्थल पर लगभग 40 लोगों की भीड़ ने आतंक फैलाया था, तो फिर सिर्फ तीन लोगों पर ही कार्रवाई क्यों की गई? क्या बाकी हमलावर कानून की पकड़ से बाहर रहेंगे?
जांच का विषय
पुलिस का कहना है कि हथियारों के इस्तेमाल और भीड़ की मौजूदगी की गहनता से जांच की जा रही है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि बयानों और साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी उचित कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
फिलहाल कस्तूरबा ग्राम में तनाव बरकरार है और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर निगरानी बढ़ा दी है।
