विदिशा में मुख्यमंत्री जनकल्याण शिविरों का सफल क्रियान्वयन: 80 हजार से अधिक आवेदनों का हुआ निराकरण, प्रदेश में 17वीं रैंकिंग


विदिशा। मुख्यमंत्री जनकल्याण शिविर अभियान के माध्यम से आमजन तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लक्ष्य में विदिशा जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। सोमवार को आयोजित समय-सीमा (TL) बैठक में कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने शिविरों में प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की और शेष बचे प्रकरणों के त्वरित निपटान के लिए सख्त निर्देश दिए।

अभियान के आंकड़े: एक नजर में
बैठक में प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, जिले में अभियान के दौरान जनसेवा का बड़ा कार्य हुआ है:
  • कुल प्राप्त आवेदन: 83,434
  • सफल निराकरण: 80,430 (लगभग 96% कार्य पूर्ण)
  • वर्तमान रैंकिंग: 22 जून 2026 की स्थिति में विदिशा जिला प्रदेश स्तर पर 17वें स्थान पर है।
प्रशासनिक सख्ती और निर्देश
कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने उन विभागों के प्रति नाराजगी व्यक्त की जिनकी उपस्थिति शिविरों में नगण्य रही और जहाँ से जनसेवा के आवेदन प्राप्त नहीं हुए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि:
  • उच्च स्तरीय पत्राचार: जो विभाग शिविरों में सक्रिय नहीं थे, उनके प्रमुख सचिवों (PS) को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया जाए।
  • गुणवत्तापूर्ण निराकरण: लंबित आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। संख्यात्मक उपलब्धि के साथ-साथ समाधान की गुणवत्ता पर भी ध्यान केंद्रित किया जाए।
  • निरंतर निगरानी: प्रत्येक आवेदन की स्थिति की नियमित मॉनिटरिंग हो, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही लाभ से वंचित न रहे।
'अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाना लक्ष्य'
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि इन शिविरों का मूल उद्देश्य शासन की योजनाओं को सीधे जनता के द्वार तक पहुँचाना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे संवेदनशील होकर शिकायतों और मांगों का निराकरण करें। विदिशा प्रशासन का प्रयास है कि शेष बचे हुए आवेदनों का निस्तारण तेजी से किया जाए, जिससे राज्य स्तरीय रैंकिंग में जिले का स्थान और बेहतर हो सके।

इस समीक्षा बैठक ने स्पष्ट कर दिया है कि जिला प्रशासन जनहितकारी योजनाओं के प्रति पूरी तरह गंभीर है और जनकल्याण शिविरों को आमजन के विश्वास का माध्यम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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