धार। शहर में लंबे समय से चली आ रही गंदे पानी और अनियमित जलापूर्ति की समस्या को लेकर नगर पालिका परिषद धार ने कड़ा रुख अपनाया है। नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने शहर की जल प्रदाय व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए 'युद्धस्तर' पर तकनीकी सुधार किए हैं, जिससे अब शहरवासियों को राहत मिलेगी।
सीतापाट तालाब और सम्पवेल की क्षमता में वृद्धि
नगर पालिका कार्यालय के अनुसार, जलापूर्ति को सुचारू बनाने के लिए प्रमुख जल स्रोतों की क्षमता बढ़ाई गई है:
- सीतापाट तालाब: यहाँ एक नया ट्रांसफार्मर लगाया गया है और 50 HP की अतिरिक्त हाई-पावर मोटर स्थापित की गई है, जिससे सीधे तौर पर पानी की उपलब्धता में भारी वृद्धि हुई है।
- नई बोरिंग और मोटर: मतरकूण्ड सम्पवेल (20 HP) और नौगांव मुक्तिधाम (15 HP) में नई बोरिंग कर क्षमतावान मोटरें चालू कर दी गई हैं।
- लालबाग परिसर: यहाँ 04 नए बोरिंग किए गए हैं, जो दौलत नगर, क्वींस पार्क, मगजपुरा, तिरुपति नगर, शरद नगर, बौरासी मोहल्ला, जानकी नगर, रतलाम रोड, ओंकार नगर, बस स्टैंड, श्रीमाया क्षेत्र, पीडब्ल्यूडी और मांडव रोड जैसे प्रमुख क्षेत्रों में पानी की कमी दूर करेंगे।
मतलबपुरा क्षेत्र में विशेष इंतजाम
जलापूर्ति की समस्या से जूझ रहे मतलबपुरा क्षेत्र के लिए नगर पालिका ने निजी व अन्य 05 बोरिंगों का अधिग्रहण किया है। इनमें 15-15 HP की मोटरें लगाकर सीधे मुख्य सम्पवेल से जोड़ा गया है। अब धारेश्वर सम्पवेल, पुरानी नगर पालिका टंकी और किला टंकी के माध्यम से पूरे क्षेत्र में शुद्ध जल की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है।
शुद्धता के लिए निरंतर निगरानी
नगर पालिका ने स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए फिल्ट्रेशन प्लांट पर प्रतिदिन सघन सफाई और मेंटेनेंस का काम शुरू किया है। इसके अलावा, जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन की समस्या बनी हुई है, वहाँ टैंकरों के माध्यम से 04 अतिरिक्त सप्लाय रूट बनाकर पानी पहुँचाया जा रहा है।
प्रशासन का कहना है कि यह सुधार केवल तात्कालिक नहीं हैं, बल्कि शहर की भविष्य की जल आवश्यकताओं को देखते हुए दीर्घकालिक योजना के तहत किए गए हैं।
