इंदौर। जर्मनी के कॉन्सुलेट जनरल, क्रिस्टोफ हॉलियर ने इंदौर और पीथमपुर के दो दिवसीय दौरे के दौरान मध्य प्रदेश की औद्योगिक शक्ति और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों को करीब से देखा। उनके इस दौरे को भारत और जर्मनी के बीच भविष्य में होने वाले आर्थिक और औद्योगिक सहयोग की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
औद्योगिक और तकनीकी उत्कृष्टता का अवलोकन
कॉन्सुलेट जनरल ने अपने भ्रमण के दौरान क्षेत्र की आधुनिक विनिर्माण सुविधाओं और तकनीकी प्रगति को समझा:
- विनिर्माण इकाई: पीथमपुर में 'महले आनंद थर्मल सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड' का दौरा कर उन्होंने वहां की उन्नत उत्पादन प्रक्रियाओं और औद्योगिक व्यवस्थाओं का अवलोकन किया।
- आईटी क्षेत्र: इंदौर में 'इंफोबीन्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड' पहुंचकर उन्होंने शहर में विकसित हो रहे आईटी इकोसिस्टम और वैश्विक स्तर की सेवाओं की जानकारी ली।
निवेश के लिए 'आकर्षण का केंद्र'
एमपीआईडीसी (MPIDC) इंदौर के कार्यकारी संचालक श्री हिमांशु प्रजापति ने उन्हें क्षेत्र की औद्योगिक प्रगति, विश्वस्तरीय अधोसंरचना (Infrastructure) और उद्योग-अनुकूल नीतियों से अवगत कराया। श्री प्रजापति ने बताया कि कुशल मानव संसाधन और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के कारण यह क्षेत्र निवेशकों के लिए पहली पसंद बन रहा है।
क्रिस्टोफ हॉलियर ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा:
"भारत और जर्मनी के बीच आर्थिक संबंध निरंतर मजबूत हो रहे हैं। विनिर्माण, ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में इंदौर-पीथमपुर क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। भविष्य में यह क्षेत्र जर्मन निवेशकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन सकता है।"
सांस्कृतिक वैभव से रूबरू
औद्योगिक व्यस्तता के बीच, कॉन्सुलेट जनरल ने इंदौर की ऐतिहासिक धरोहरों का भी आनंद लिया। उन्होंने राजवाड़ा और लालबाग पैलेस का भ्रमण कर शहर की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान की सराहना की और इसके पर्यटन वैभव को सराहा।
यह उच्च-स्तरीय दौरा प्रदेश में जर्मन निवेश को आकर्षित करने और औद्योगिक संबंधों को नई ऊंचाई देने के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है।
