भोपाल: मध्य प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने प्रतिबंधित और नशीली दवाओं के अवैध नेटवर्क के खिलाफ एक और बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। एसटीएफ की टीम ने भोपाल के मुबारकपुर इलाके में स्थित एक मकान पर दबिश देकर भारी मात्रा में नशीली कफ सिरप की कुल 23,125 बोतलें जब्त की हैं।
इस बरामदगी में 'OFF-KUFF' ब्रांड की 22,155 बोतलें और 'ONREX' ब्रांड की 970 बोतलें शामिल हैं। इसके साथ ही, पैकेजिंग के खेल को उजागर करने वाली करीब 4,000 खाली बोतलें भी मौके से बरामद की गई हैं।
कड़ियों को जोड़कर मिला दूसरा बड़ा ठिकाना
यह कार्रवाई महज एक इत्तेफाक नहीं थी। इससे पहले शुक्रवार को गांधी नगर के पटेल सिटी इलाके में 49,920 बोतलों की एक विशाल खेप पकड़ी गई थी, जिसमें एसटीएफ ने 3 नाबालिगों सहित 10 आरोपियों को दबोचा था। पुलिस कस्टडी में इन आरोपियों से हुई कड़ाई से पूछताछ के बाद ही मुबारकपुर के इस दूसरे सीक्रेट ठिकाने का सुराग मिला।
दिल्ली से कनेक्शन: एक्सपायरी डेट छुपाने के लिए बदलते थे रैपर
एसटीएफ की जांच में इस सिंडिकेट का एक बेहद शातिर तरीका सामने आया है:
- सप्लाई चेन: कोडीन युक्त इन कफ सिरप की बड़ी खेप सीधे देश की राजधानी दिल्ली से मंगवाई जाती थी।
- रैपर की अदला-बदली: पकड़े जाने के डर से और दवाओं की एक्सपायरी डेट व बैच नंबर को छुपाने के लिए आरोपी बोतलों के असली रैपर को नए रैपरों से बदल देते थे।
- टारगेट मार्केट: री-पैकेजिंग के बाद इन नशीली सिरप को मुख्य रूप से ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में सप्लाई किया जाता था, ताकि स्थानीय प्रशासन की नजरों से बचा जा सके।
एक साल से सक्रिय था गिरोह: शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह अवैध धंधा पिछले एक साल से बिना किसी रोक-टोक के फल-फूल रहा था। मौजूदा खेप भी महज एक सप्ताह पहले ही दिल्ली से भोपाल पहुंची थी। इतनी बड़ी तादाद में नशीली दवाओं का खेल चलने के बावजूद स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं थी।
फरार आरोपियों के लिए 5 टीमें गठित; बिना पर्चे के बिक्री पर रोक
इस पूरे नेक्सस में शामिल 3 मुख्य आरोपी अभी भी कानून की गिरफ्त से बाहर हैं। उनकी धरपकड़ के लिए एसटीएफ ने 5 विशेष टीमों का गठन किया है जो अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। इसके साथ ही एजेंसी इस धंधे से जुड़े वित्तीय लेन-देन (मनी ट्रेल) की भी जांच कर रही है।
कोडीन का नशा: जब्त की गई इन सिरप में 'कोडीन फास्फेट' की मात्रा है, जो एक बेहद नशीला और नियंत्रित पदार्थ माना जाता है। ड्रग्स नियमों के मुताबिक, डॉक्टर के वैध पर्चे (Prescription) के बिना इसकी बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। बाजार में इसके एक बोतल की कीमत लगभग 201 रुपये आंकी गई है।
